जानिए चौका देने वाली जन्म और मृत्यु का का रहस्य( Secret of life after death )

जानिए चौका देने वाली जन्म और मृत्यु का का रहस्य( Secret of life after death )

दोस्तों,जन्म और मृत्युके रहस्यों को जानने से पहले यह जानना अवश्यक है की  जिसने भी इस धरती पर किसी भी रूप में जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन इस शरीर को छोड़ कर मृत्यु को गले लगाना ही है, यह इस संसार का शाश्वत सत्य है। हम सभी कभी न कभी यह जरूर सोचते होंगे की आखिर मृत्यु के बाद होता क्या है। खैर, अभी तक इस प्रश्न का उत्तर किसी को नहीं मिला है, हाँ यह जरूर है की पूरी दुनिया के वैज्ञानिक अपने अपने स्तर पर इसका जवाब खोजने में लगे हुए हैं, और थोड़ी सी ही सही लेकिन कुछ जानकारी जरूर हमें प्राप्त हुयी है।

जन्म और मृत्यु  क्या है

दोस्तों यदि हम लोग अध्यात्मिक द्रिस्टी कोण से देखें तो हमें जन्म का मतलब और मृत्यु के मतलब में ज्यादा फर्क नहीं मालूम पड़ता है

दोस्तों जन्म मृत्यु का मतलब समझने से पहले हमें जीवन का मतलब समझाना जरुरी है जरा सोचिये जब आप छोटे बच्चे थे और आज आप्प है क्या वाही आप है जो बचपन में थे या कोई ओर है सोचिये सब कुछ बदल गया आप बदल गए आपके लोग बदल गए जमाना बदल गया लेकिन कुछ तो है जो नहीं बदला है

जरा सोचिये आप कहते है यह मेरा सरीर है तो आप कौन हो वो क्या है जो बचपन से आज तक नहीं बदलता है जो नहीं बदलता है वाही जिनदगी है और जो बदलता है वह जन्म और मृत्यु है

वह जो बचपन से बुढ़ापे तक नहीं बदलता है वह मरने के बाद भी नहीं बदलता है वाही जिंदगी है वाही हम है जो इस सरीर में रहता है वह कोई और नहीं बल्कि परमात्मा का अंश है वह नहीं पाप करता है नहीं पुन्न करता है वह जिंदगी और मौत से परे है.

इसका हम अपने जीवन में अनुभव कर सकते है यह करने वाला नहीं बल्कि देखने वाला है यह सब कुछ देखता है और सबकुछ जनता है

वाही है जो जब हम कुछ गलत करते है तो सबसे पहले बोलता है की यह गलत है

फिर आपके मन में सबसे पहले यह बोलता है की हम फिर गलत कार्य क्यों करते है इसका सही जबाब है हमसे गलते कराने वाला हमारा मन करवाता है

मन क्या है

मन हमारे विचारो का समूह है ,आप देखोगे की यदि आप कोई प्रश्न खुद से करते हो तो इसका उतर आपको हाँ या ना में मिलाता है अब हमें मन और आत्मा में फर्क करना समझाना होगा .

मन का निर्णय हमेसा बदलता रहता है लेकिन आत्मा का निर्णय कभी नहि बदलाता है आत्मा कभी झूठ नहीं बोलती है.

हम आत्मा है एक पवित्र आत्मा का अंश है हमारे में अनंत सम्भावनाये उपलब्ध है हम इन्सान के रूप में भगवान है

राम चरित्र मानस में आपने पढ़ा होगा –

” क्षिति जल पावक गगन समीरा , पंच तत्व मोहि रचित सरिरा”

दोस्तों हमारा सरीर पाच तत्वों से मिलकर बना है  अब हम भगवान का मतलब समझते है –

भगवान -> भ + ग +व् +अ +न

अब इसका मतलब समझते है –

भ ->भूमि  = क्षिति

ग -> गगन = गगन

व -> वायु  = समीर

अ -> अग्नि  = पावक

न ->नीर =जल

दोस्तों अब तक आपको समझ में आ गया होगा की मै क्या कहना चाह रहा हूँ दोस्तों हम बचपण से ही कोहिनूर पैदा हुए है बस हम अपने आपको भूल गए गए है की हम कौन है वस हमें यह जानने की जरुरत है की हिरा भी हम है और जौहरी भी हम है बस हमें यह जानने की जरुरत है

दोस्तों इस पोस्ट का मकसद मुझे मोटीवेट करना है आपको अपने आत्म विसवास को जगाने के लिए.

धन्यवाद

दोस्तों मै आसा करता हु की मै इस पोस्ट के जरिये आप सब से क्या कहना चाहता हूँ समझ में  आ गया होगा ,यदि इस पोस्ट में आपको कोई doubt हो या कुछ न समझ में आया हो  तो हमें कमेंट के जरिये बताये  यदि आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया हो तो इसे like करे share करे-

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